एम्‍स समूह अपने क्षेत्र के बहु-अनुशासनिक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में लगा हुआ है :


अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र

  • प्रीफेब्रीकेशन (पूर्व विरचन) तथा उन्‍नत परम्‍परागत पद्धतियों सहित नवीन निर्माण प्रौद्योगिकियॉं
  • मशीनरी विकास, उपकरण एवं प्रक्रम तथा निर्माण सामग्रियों एवं घटकों के हस्‍तन सहित निर्माण में यंत्रीकरण

आधारिक संरचना एवं परीक्षण सुविधाएं

प्रभाग, सम्‍बद्ध भारतीय मानक कोड (आई एस कोड) के अनुसार संरचना उपकरणों के निष्‍पादन के मूल्‍यांकन की परीक्षण की विभिन्‍न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है। प्रभाग में 100 टन क्षमता वाली यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन तथा 200 टन क्षमता वाली कम्‍प्रेसन टेस्टिंग मशीन है।

प्रभाग में स्‍थान का कम्‍प्‍यूटर सेंटर भी है जो विभिन्‍न प्रकार के अनुसंधान एवं विकास कार्य के लिए कम्‍प्‍यूटरों से सुसज्जित है। इसका लाइनेक्‍स आधारित सर्वर है जो संस्‍थान को ‘लैन’ के माध्‍यम से इंटरनेट की सुविधा उपलब्‍ध कराता है। कम्‍प्‍यूटर सेंटर विशिष्‍ट इंजीनियरी सोफ्टवेयरों पैकेजों से सुसज्जित है।  इसका लाइनेक्‍स आधारित सर्वर है जो संस्‍थान को लैन के माध्‍यम से इंटरनेट की सुविधा उपलब्‍ध कराता है। कंप्‍यूटर सेंटर विशिष्‍ट इंजीनियरी सोफ्टवेयरों पैकेजों से सुसज्जित है। इन इंजीनियरी सोफ्टवेयरों में इंजीनियरी तथा वास्‍तुकलात्‍मक मॉडलों के विकास के लिए ऑटोकेट तथा 3-डी स्‍टुडियो मैक्‍स सम्मिलित है। अनुसंधान एवं विकास तथा डाटा सकलन, मैपिंग व अन्‍य सूचना से संबंधित कार्यों में उपयोग के लिए जीआईएस पैकेज एआरसीआईएनएफओ तथा एआरसीवीआईईडब्‍ल्‍यू का भी पीसी प्‍लेटफार्म पर उपयोग किया जा रहा है।

 

अनुसंधान एवं विकास से संबंधित मुख्‍यांश

प्रभाग में निम्‍नलिखित नवीन निर्माण प्रौद्योगिकियां, उत्‍पाद, सोफ्टवेयर, डाटाबेस, गणितीय मॉडलिंग, कृत्रिम आसूचना विधियां इत्‍यादि विकसित किए गए हैं तथा सफलतापूर्वक इनका स्‍थल अनुप्रयोग किया गया है।

निर्माण प्रौद्योगिकियां

  • चिनाई के लिए पूर्व विरचित पत्‍थर-ब्‍लॉक तथा ठोस कंक्रीट ब्‍लॉक
  • फर्श तथा छत निर्माण करने के लिए पूर्व विरचित कंक्रीट कोर्ड यूनिट्स तथा चैनल यूनिट।

कम्‍प्‍यूटर सोफ्टवेयर

  • उड़न राख चूना तथा मृदा उड़नराख निर्माण ईंटों के भौतिक गुणों के मूल्‍यांकन के लिए ईएल-बीआरएएसएम सोफ्टवेयर।
  • सिस्‍टम पहचान की समस्‍या, भूकम्‍प बलों के विषय में बहुमंजिली संरचनाओं की संरचनात्‍मक अनुक्रिया तथा दूसरी इंजीनियरी समस्‍याओं के लिए आर्टिफिसियल न्‍यूरल नेटवर्क सोफ्टवेयर।
  • सहायक वेक्‍टर मशीनों के उपयोग से जेनेटिक अलगोरियम्‍स तथा फॉल्‍ट वर्गीकरण जैसी इष्‍टतम तकनीकों के उपयोग द्वारा संरचनात्‍मक क्षति की पहचान के लिए सौफ्टवेयर।
  • प्‍लेटों में कम्‍पन की समस्‍याएं तथा संरचनाओं के सिस्‍टम की पहचान
  • संक्षारण से क्षतिग्रस्‍त भवनों से संबंधित विशेषज्ञ प्रणाली इसका डायग्‍नोसिस तथा उपचारी उपाय।
  • भवन घटकों के भौतिक गुणों का निर्धारण एवं पहचान

उत्‍पाद

  • मृदा इंटों के लिए ब्रिक एक्‍सट्रुजन मशीन (इंडियन पेटेंट सं.118570)
  • प्‍लास्‍टर ऑफ पेरिस बनाने के लिए ऊर्जा दक्ष जिप्‍सम कैल्‍सीनेटर (एनआरडीसी गणतंत्र दिवस पुरस्‍कार 1989)
  • बहु-मंजिले भवनों के निर्माण के लिए सामग्री हस्‍तन हेतु मिली क्‍लाइम्बिंग क्रेन (इंडियन पेटेंट नं. 172047, एन आर डी सी गणतंत्र दिवस पुरस्‍कार – 1994)
  • कंक्रीट ब्‍लॉक बनाने की मशीन (इंडियन पेटेंट सं.2266/डीईएल/97)
  • अधो सतह के अन्‍वेषणों के लिए स्‍वचालित फ्री फॉल हैमर (इंडियन पेटेंट सं.172108)
  • उड़नराख ईंटों के उत्‍पादन के लिए सी-ब्रिक मशीन
  • बोर्ड पाइल्‍स तथा स्‍कर्टिड ग्रेनुलर पाइल नींव बनाने के लिए बोरिंग तथा स्‍कर्टिंक मशीन (इंडियन पेटेंट नं.159540)
  • लकड़ी के विकल्‍प के रूप में कॉयल-सीमेंट बोर्ड के उत्‍पादन हेतु संयंत्र
  • पूर्वनिर्मित आरसीसी तथा पूर्वदाबित कंक्रीट घटकों के लिए त्‍वरित विद्युत तराई
  • भूमि के नीचे छिद्र करने के लिए भूमिगत समानांतर बोरिंग मशीन

विशेषज्ञता एवं परामर्श के क्षेत्र

  • मशीनरी का अभिकल्‍पन एवं फ्रेबिकेशन तथा भवन निर्माण हेतु घटकों के उत्‍पादन के लिए प्रक्रिया।
  • ऑटो कैड तथा 3 डी स्‍टुडियो मैक्‍स के उपयोग से यांत्रिकीय तथा वास्‍तुकलात्‍मक परियोजनाओं के 3-डी मॉडलों का विकास।

विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग,  टीआईएफएसी, इंडो-साऊथ अफ्रीकन सहयोग वाली परियोजना, एनटीपीसी-दादरी एवं बहदपुर थर्मल पावर स्‍टेशन इत्‍यादि कुछ बाह्य वित्‍त पोषित परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं।  इन पर कार्य चल रहा है।

प्रभाग में 5 वैज्ञानिक व तकनीकी अधिकारी, प्रशिक्षित तकनीकी कार्मिक तथा अन्‍य प्रशिक्षित शिल्‍पकार हैं।

कृपया, विस्‍तृत जानकारी हेतु सम्‍पर्क करें:

निदेशक
फोन: +91-1332-283323 ;    फैक्‍स : 01332-272272
ई-मेल : director@cbri.res.in
वेबसाइट: www.cbri.res.in/hindi