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संरचना इंजीनियरी में अनुसंधान एवं विकास कार्य में वर्तमान संरचनाओं की सुरक्षा व मितव्ययिता को ध्यान में रखते हुए संरचनाओं के जीवन में वृद्धि करने हेतु प्रत्‍यक्ष रूप में अभिकल्‍प तथा निर्माण विधियों को विकसित किया जाना आवश्यक है।  16 संरचना वैज्ञानिकों, 4 तकनीकी अधिकारियों, 20 तकनीकी सहायक स्‍टाफ तथा 4 अन्‍य की जन सामर्थ्‍य वाला यह प्रभाग क्षतिग्रस्त भवनों, एतिहासिक/स्‍मारक भवनों, प्राकृतिक आपदा न्‍यूनीकरण (विशेष रूप से भूकम्‍पों), कंक्रीट प्रौद्योगिकी, संरचनाओं के विश्‍लेषण एवं अभिकल्‍पन इत्‍यादि में कार्यरत हैं। प्रभाग ने भारतीय मानक ब्‍यूरो के लिए संरचना इंजीनियरी से संबंधित मानकों को तैयार करने में महत्‍वपूर्ण योगदान भी दिया है।

उपलब्‍घ दक्षता

  • प्रबलित कंक्रीट संरचनाओं का अविनाशी परीक्षण
  • क्षतिग्रस्त संरचनाओं की जाँच तथा उपचारी उपायों के बारे में सुझाव देना
  • भवनों के निर्माण हेतु भूकंपरोधी उपाय
  • भूकंप प्रभावित भवनों के नुकसान का सर्वेक्षण, श्रेणीकरण तथा मरम्‍मत, सुदृढ़ीकरण एवं रेट्रोफिटिंग उपाय
  • संयंत्र तथा संरचनाओं के कम्पन की निगरानी
  • भवनों के लिए प्रणाली पहचान अध्‍ययन
  • स्टैटिक तथा डायनामिक भारों के अंतर्गत परीक्षण मॉडलों एवं भवनों के प्रोटोटाइपों तथा संरचनात्‍मक तत्‍वों के संरचनात्‍मक व्‍यवहार का अन्‍वेषण करना
  • हाईपरफोर्मैंस कंक्रीट का अभिकल्‍प
  • प्रबलित कंक्रीट संरचनाओं के सेवाकालीन जीवन का पूर्वानुमान
  • भूतिगत संरचनाओं के लिए न्यूमैरिकल मॉडलिंग तकनीक
  • बहुमंजिले भवनों तथा अन्‍य संरचनाओं का विश्‍लेषण एवं अभिकल्‍पन
  • संरचनाओं की सुरक्षा तथा विश्‍वसनीयता का अध्‍ययन

आधारिक संरचना एवं परीक्षण सुविधाएं
प्रभाग में निम्‍नलिखित चार प्रयोगशालाएं परीक्षण की विभिन्‍न सुविधाओं से सुसज्जित हैं:

हैवी टैस्टिंग लैब

  • 400 टन क्षमता वाले परीक्षण फ्रेमों के साथ-साथ 8.5 मी X 3 मी वाला हैवी ड्यूटी टेस्‍ट फ्लोर
  • स्टैटिक स्थिति में 400 टन तक तथा डायनैमिक स्थिति में 250 टन तक भारण सुविधाएं
  • 60 चैनल डिजिटल डाटा लॉगर सहित तनावों तथा अपरूपण के विकृतियों के ऑनलाइन मापन हेतु प्रणाली
  • 500 तथा 200 टन क्षमता वाली कम्‍प्रेसन टेस्टिंग मशीन
  • स्टैतिक तथा डायनैमिक भारण के लिए 100 टन वाली यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन.

संरचनात्‍मक गतिकी प्रयोगधाला

  • सर्वो-हाइड्रोलिक एक्च्युएटर्स (क्षमता 10 टन व 50 टन)
  • लेज़न आस्सीलेटॅर
  • एफ एफ टी विश्‍लेषक
  • एक्‍सेलेरोमीटर
  • वाइब्रेशन मीटर
  • एल वी डी टी

अविनाशी परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटी प्रयोगशाला)

  • इम्‍पेक्‍ट इको सिस्‍टम
  • संक्षारण (कोरोजन) मॉनीटरिंग इन्‍स्‍ट्रुमेंट, कैनिन एंड मल्‍टी सैल सर्वेयर
  • अल्‍ट्रासोनिक पल्स वैलोसिटी परीक्षण यंत्र
  • रिबाउंड हैमर्स, एन एल टाइप
  • रेबार लोकेटर
  • डीमैक मैकेनिकल स्‍ट्रेन गेज़
  • कोर कटिंग मशीन
  • क्रैक मैजरिंग माइक्रोस्‍कोप
  • डिजीटल क्रैक मैजरिंग गेज

कंक्रीट प्रयोगशाला

  • ऑटो – टाइट्रेटर
  • क्‍लोराइड परमेएबिलिटी उपकरण
  • कंक्रीट परमेएबिलिटी (वाटर) उपकरण
  • कार्बोनेशन चैम्‍बर
  • त्‍वरित टिकाऊ परीक्षण हेतु उपकरण तथा संयंत्र
  • कंक्रीट स्‍लाइसिंग मशीन
  • गुनीटिंग मशीन (गीली एवं शुष्‍क प्रकार की)

सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न की गई महत्‍वपूर्ण परियोजनाएं

  • बॉम्‍बे पोर्ट ट्रस्‍ट की जट्टियों के नुकसान का अन्‍वेषण करना तथा उपचारात्‍मक उपायों 7 हेतु सुझाव देना, एचपीसीएल की प्रबलित कंक्रीट की चिमनियों (विशाखापटनम), जुआरी एग्रो कैमिकल्‍स (गोवा) एवं एन एफ एल (नयांगल), श्री विन्‍दया पेपर मिल के भवन, लखनऊ विश्‍वविद्यालय के ऑडिटोरियम, समुद्र तट के निकट (कारवाड़) में बहुमंजिले भवनों, ऑडिनेंस फैक्‍ट्री तथा बॉम्‍बे पोर्ट ट्रस्‍ट हॉस्पिटल के भवन, एल एन जे पी हॉस्पिटल (दिल्‍ली), पुराना सचिवालय (दिल्‍ली), आई एस बी टी (दिल्‍ली), सर्वोदय स्‍कूल (दिल्‍ली), हिमालयन पर्वतारोहण संस्‍थान (उत्‍तरकाशी), शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स (शिलांग), रेस्‍टोरेंट (सूरजकुण्‍ड), डी डी ए के फ्लैटों इत्‍यादि में आई कमियों की जॉंच करके आवश्‍यक उपचारी उपाय सुझाए गए।
  • प्रसिद्ध एतिहासिक भवनों एवं स्‍मारकों : जगन्‍नाथ मंदिर (पुरी), सूर्यदेव का मंदिर (कोणार्क), राजभवन (गोवा), राज निवास (दिल्‍ली) इत्‍यादि की क्षतिग्रस्‍तता की जाँच करके उपचारात्‍मक सुझाव दिए।
  • अग्नि से प्रभावित होटल सिद्धार्थ (दिल्‍ली) तथा पीजीआई चंडीगढ़ का अन्‍वेषण, एनएफएल (पानीपत) के टर्बोजैनरेटर, मथुरा रिफाइनरी की टरबाइन हॉल, आर्डिनेंस फैक्‍टरी (देहरादून) तथा एनपीएल (दिल्‍ली) के ऑडिटोरियम इत्‍यादि की नींव।
  • बी पी सी एल (मुम्‍बई), ओ आई एल (धुलियाजन), आईओसीएल (हल्दिया) इत्‍यादि की संरचनाओं का कम्‍पन विश्लेषण।
  • उत्‍तरकाशी, मराठवाड़ा, गढ़वाल, भुज, अहमदाबाद, जूनागढ़, गांधीधाम, भावनगर इत्‍यादि में भूकम्‍प प्रभावित भवनों की मरम्‍मत, भूकंपीय सुदृढ़ीकरण एवं रेट्रोफिटिंग के नुकसान का सर्वेक्षण, आकलन, वर्गीकरण एवं संस्‍तुतियाँ।
  • आपरेशन ब्‍लैक बोर्ड स्‍कीम के अंतर्गत भवन संबंधित घटक का अध्‍ययन।
  • स्‍टील कंक्रीट कम्‍पोजिट कंस्‍ट्रक्‍शन के व्‍यवहार का अध्‍ययन तथा कम्‍पोजिट बीमों एवं कॉलमों के लिए अभिकल्‍प हस्‍त पुस्तिका।
  • स्‍पेस एप्‍लीकेशन सेंटर (अहमदाबाद) के लिए एस ए आर एंटिना की फाईनाइट एलिमेंट मॉडलिंग एवं विश्‍लेषण।
  • उत्‍तराखंड में कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का नियोजन तथा अभिकल्‍पन।
  • सर्वशिक्षा अभियान परियोजना के अंतर्गत उत्‍तराखंड राज्‍य में स्‍कूल भवनों के निर्माण में गुणवत्‍ता निरीक्षण तथा नियंत्रण
  • पहाड़ी अल्‍मोड़ा शहर में भवनों की भूकंपीय सुभेद्यता का आकलन
  • कॉम्‍प्‍लैक्‍स जियोमैट्री वाले भवन का 1/5 इंच स्‍केल स्‍टेनलैस स्‍टील मॉडलों पर संरचनात्‍मक अखंडता निर्धारण।
  • टिकाऊ कंक्रीट के लिए अनुपूरक सीमेंटीय सामग्रियों के उच्‍चतर प्रतिशतों के उपयोग पर अध्‍ययन।
  • रसायनों से क्षतिग्रस्‍त आरसी फ्रेम वाले भवन की संरचनात्‍मक टिकाऊपन का अन्‍वेषण
  • केजीबीवी के तीन मॉडलों का वास्‍तुकलात्‍मक नियोजन तथा अभिकल्‍पन
  • भूकम्‍पीय क्षेत्र 4 एवं 5 के लिए भूकम्‍प रोधी संरचनात्‍मक अभिकल्‍पन

चालू परियोजनाएं

  • पॉलीस्टीरीन कोर पैनल (ई०पी०एस०) सिस्टम के लिए कार्यान्वयन मैनुअल का विकास एवम विस्तार।
  • कम स्पीड के विंड टनल का डिजाइन।
  • रुर्बन मिशन के तहत एकीकृत क्लस्टर कार्य योजना की तैयारी (आई कैप), उत्तराखंड राज्य के लिए।
  • सूर्य मंदिर कोणार्क की तकनीकी जांच।
  • ताजमहल की भू-तकनीकी और संरचनात्मक (तकनीकी) जांच।
  • राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली का व्यापक अध्ययन।
  • संसद भवन (एक्सटेंशन बिल्डिंग), नई दिल्ली की तकनीकी जांच।
  • नेचुरल ड्राफ्ट कुलिंग टॉवर, एन०सी०पी०एस०, दादरी के ड्रिफ्ट स्ट्रक्चर संरचनाओं की तकनीकी जांच।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी की तकनीकी जांच।
  • सेना कल्याण आवास संगठन (ए०डब्लू०एच०ओ०), पंचकूला में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच।
  • आमेर फोर्ट (अम्बर पैलेस), जयपुर की तकनीकी जांच।
  • प्रेसिडेंट एस्टेट, देहरादून “आशियाना” भवन का संरचनात्मक आकलन और भूकंपरोधी प्रावधान के सुझाव।
  • बीकानेर आर्मी स्टेशन के कार्य का आकलन और तकनीकी सुझाव।
  • सूरतगढ़ आर्मी स्टेशन के कार्य का आकलन और तकनीकी सुझाव।
  • आवासीय परिसर, जी० पॉइंट, नई दिल्ली की तकनीकी जांच और सुदृढ़ीकरण के उपाय का सुझाव।
  • ग्रांड होटल, शिमला के भवनों के रेट्रोफिटिंग उपाय और ढलानों को मजबूत बनाने के लिए सलाह।
  • नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (एन०जी०एम०ए०), नई दिल्ली के भवनों का पुनर्वास और रेट्रोफिटिंग के लिए सुझाव।
  • फाइबर रिइंफोर्सड पॉलीमर मैटीरियल से सुदृडीकृत प्रबलित कंक्रीट संरचनाओं की तटीय क्षेत्रों में वातावरणीय सहनशीलता का प्रायोगिक अध्ययन।
  • भूमिगत तथा भूमि पर बनी आर सी संरचनाओं के सेवाकाल का पूर्वानुमान लगाना।
  • 5 मी. ऊँचे लेट्टाइस स्‍टील टॉवर का विश्‍लेषण तथा अभिकल्‍प
  • भूकम्पीय सुभेद्य शहर के चुनिंदा क्षेत्रों के लिए भूकंपीय अनुक्षेत्र वर्गीकरण तथा नुकसान के परिदृश्‍य का अनुमान लगाना।
  • निर्माण कार्य के महत्‍वपूर्ण स्‍तरों पर स्‍थल का निरीक्षण करना एवं अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले निर्माण के लिए सलाह एवं परामर्श देना।
  • भवन घटकों का प्रयोगशाला/ स्‍थल परीक्षण

CBRI is involved in the following activities:

  • Architectural planning and design of three models of KGBV
  • Earthquake resistant structural design for seismic zone IV & V
  • Site visit & advice for good quality at critical stages of construction work
  • Lab / field testing of building components

कृपया विस्‍तृत जानकारी के लिए सम्‍पर्क करें:

डॉ. अचल कुमार मित्‍तल
समूह प्रमुख
संरचना इंजीनियरी समूह
दूरभाष: +91-1332-283464
ई-मेल : akmittal @ cbri.res.in
वेबसाइट: www.cbri.res.in