मुख्य वैज्ञानिक         : यादवेन्द्र पांडेय
नोडल वैज्ञानिक        : डॉ. एस आर कराड़े
सह-नोडल वैज्ञानिक  : डॉ. एस पी सिंह एवं वास्‍तुविद अशोक कुमार
कार्य की संख्‍या         : 4
गतिविधियों/कार्यों की संख्‍या : 18
प्रतिभागिता करने वाले वैज्ञानिक : 33

आगामी दशकों में, तेजी से बढ़ती जनसंख्‍या, बढ़ती हुई अर्थव्‍यवस्‍था तथा पर्यावरण के संबंध में बढ़ती जागरूकता से प्राकृतिक संसाधनों के न्‍यूनतम उपयोग, तीव्र तथा अर्ध यंत्रीकृत निर्माण विधियों  या ऊर्जा दक्ष निर्माण अभिकल्‍पों से ग्रीन बिल्डिंग भवन सामग्रियों की मांग होगी। जिससे उच्‍चतम स्‍तर का आरामदेह रहन-सहन मिलेगा। तद्नुसार, नैनो प्रौद्योगिकी, कैथोडिक सुरक्षा, जैव-सामग्रियां, सीमेंट मुक्‍त जियो-पॉलीमर कंक्रीट, उच्‍च निष्‍पादन मिश्रित प्रौद्योगिकियां तथा ऊर्जा संरक्षण परिकल्‍पनाओं जैसी प्रौद्योगिकियों के उपयोग से उन्‍नत निर्माण सामग्रियां विकसित करना प्रस्‍तावित है। आगे, यह भी प्रस्‍तावित है कि औद्योगिक ठोस अपशिष्‍टों के उपयोग से ग्रीन सामग्रियों तथा सतत निर्माण का कार्य 12 वीं पंचवर्षीय योजना में भी जारी रहेगा।  प्रस्‍तावित नई अथवा वैकल्पिक सामग्रियों को केवल तब ही सफलतापूर्वक प्रयुक्‍त किया जा सकता है जब उपलब्‍ध जानकारी को गहन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्‍यम से व्‍यापक रूप से प्रचारित किए जाने के साथ-साथ इंटरनेट पर आसानी से उपलब्‍ध हो।

इसलिए उपयोग कर्ता एजेंसियों के लिए समुचित रूप से उपलब्‍ध अनुसंधान के परिणाम प्राप्‍त करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

इस परियोजना में विभिन्‍न उपायों जैसे वर्तमान भवनों का ग्रीन रेट्रोफिटिंग, सीमेंट मुक्‍त जियोपॉलीमर जिसको कमरे के तापमान पर रखकर तथा सौर ऊर्जा के उपयोग को अपना कर कार्बन डाईआक्‍साइड उत्‍सर्जन को कम करने के लिए ऊर्जा तथा सीमेंट के उपयोगों के न्‍यूनीकरण पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है।  इसके अतिरिक्‍त, अन्‍य सतत उपायों जैसे अपशिष्‍टों का उपयोग तथा भवनों के टिकाऊपन और निष्‍पादन में वृद्धि करने के लिए नैनो प्रौद्योगिकी, फेज चेंजिज सामग्रियां तथा, कैथोडिक सुरक्षा जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों को भी प्रस्‍ताव में सम्मिलित किया गया है।