सीबीआरआई में अनुसंधान नियोजन तथा व्‍यापार विकास (आरपीबीडी) की स्‍थापना सीएसआईआर के अनुरोध पर व्‍यापार गतिविधियों के समन्‍वयन द्वारा संस्‍थान के वित्‍तीय संसाधनों को बढ़ाने हेतु सेवाएं उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से वर्ष 1999 में की गई थी। यह समूह, संस्‍थान तथा बाहरी एजेंसियों के बीच सफल प्रौद्योगिकियों के वर्तमान क्षेत्रों में सहायता प्रदान करके तथा नई कम्‍पनियों में प्रौद्योगिकीय विकास के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए एक सेतु का काम करता है।  आरपीबीडी सार्वजनिक क्षेत्र तथा निजी उद्यमियों में प्रौद्योगिकियों के वाणिज्‍यीकरण के लिए नियोजित तथा व्‍यवस्थित ढंग से व्‍यापार के नए क्षेत्रों की पहचान कर उनका विश्‍लेषण करता है।  संस्‍थान लाभार्थियों के लिए अपनी सेवाओं की गुणवत्‍ता, विशेष रूप से बाह्य वित्‍त पोषित परियोजनाओं के लिए सेवाएं प्रदान करने  पर अत्‍यधिक जोर देता है।

आरपीबीडी की गतिविधियॉं मुख्‍यत: निम्‍नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहती हैं :

  • बौद्धिक सम्‍पदा प्रबंधन
  • आईपीआर प्रणाली आर्थिक लाभों को सतत रूप से बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकीय उत्‍कृष्‍टता बनाए रखने के लिए सृजनात्‍मकता को बढ़ावा देती है। बौद्धिक सम्‍पदा में पेटेंट, कॉपीराइट तथा अभिकल्‍पन सम्मिलित हैं। ये गतिविधियां निम्‍नलिखित हैं :
  • सुदृढ़ आईपी कल्‍चर के लिए अनुसंधानकर्ताओं को प्रेरित करना।
  • पेटेंटों के विनिर्देशनों का प्रारूपण।
  • रिकार्ड को अद्यतन करने के लिए आईपीएमडी, सीएसआईआर से सम्‍पर्क बनाना।
  • पेटेंट फाइल प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण के लिए ज्ञान आधार का विकास तथा रख-रखाव।

सीबीआरआई में विकसित प्रौद्योगिकियों के हस्‍तांतरण हेतु गतिविधियां

  • प्रौद्योगिकियों की रूपरेखा तैयार करना।
  • एनआरडीसी, पीपीडी, सीएसआईआर के साथ सम्‍पर्क बनाए रखना।
  • सीबीआरआई प्रौद्योगिकियों में रूचि दिखाने वाले उद्यमियों से बातचीत, विचार-विमर्श कर फीड बैक प्राप्‍त करना ।
  • लाइसेंस करारों का प्रारूपण करना तथा उनको अंतिम रूप देना।
  • प्रक्रियाओं की लाइसेंस फीस तय करना।
  • रॉयल्‍टी संग्रहण का कार्य करना।
  • संभावित प्रौद्योगिकियों के वाणिज्यीकरण के लिए डाटाबेस का विकास करना।
  • ग्राहक संतुष्टि मूल्‍यांकन के लिए कदम उठाना।
  • उपलब्‍ध कराई गई सेवा पर ग्राहक का फीड बैक प्राप्‍त करने के लिए प्रश्‍नावली तैयार करना।
  • ग्राहक का फीडबैक प्राप्‍त करने के लिए उससे सम्‍पर्क स्थापित करना।
  • प्राप्‍त फीडबैक को, जहां भी आवश्‍यक हो, प्रक्रमों में सुधार के लिए वैज्ञानिकों को आवश्‍यक फीड बैक उपलब्‍ध कराना।
  • ग्राहक संतुष्टि सूचकांन (सीएसआई) निर्धारण के लिए ग्राहक संतुष्टि मूल्‍यांकन इकाई (सीएसईयू), सीएसआईआर से सम्‍पर्क स्‍थापित करना।
  • सीएसआईआर- 12 वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत सुप्रा संस्‍थागत नेटवर्क परियोजना

 

 

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श्री यादवेन्द्र पाण्डे
समूह प्रमुख
नियोजन, प्रबोधन एवं मूल्यांकन समूह
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