पर्यावरण विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी (ई एस टी) प्रभाग कृषि औद्योगिक अपशिष्‍टों जैसे धान की भूसी, उड़न राख, ब्‍लास्‍ट फरनेस स्‍लेग, फास्‍फोजिप्‍सम तथा चूना स्‍लज से सीमेंटीय उत्‍पादों के निर्माण के लिए प्रक्रम प्रौद्योगिकियों के विकास पर अनुसंधान एवं विकास कार्य में लगा है। नाशी-जीव प्रबन्धन के अतिरिक्त भवनों में निर्माण सामग्रियों, जैसे सीमेंट, चूना, ईंटे इत्यादि से संबंधित प्रक्रम उद्योगों में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दिया गया है।

अनुसंधान एंव विकास के मुख्‍यांश

सीमेंट उत्‍पाद

  • कृषि औद्योगिक अपशिष्‍टों से मसनरी सीमेंटों तथा अन्‍य सीमेंटीय बाइंडर
  • मिनरलाइजरों के उपयोग से निम्‍न तापमान सीमेंट
  • पोर्टलैंड – पोजोलाना सीमेंट
  • सुपर सल्‍फेटेड सीमेंट
  • धान की भूसी – राख सीमेंट

जिप्‍सम उत्‍पाद

  • फाइबर्स जिप्‍सम प्‍लास्‍टर बोर्ड
  • जल रोधक जिप्‍सम बाइंडर
  • जिप्‍सम ब्‍लॉक
  • मल्‍टीफेज प्‍लास्‍तर
  • एनहाइड्राइट सीमेंट
  • जिप्‍सम टाइल

प्रदूषण प्रबोधन (निगरानी)

  • एमबिएंट एयर क्‍वालिटी मॉनिटरिंग
  • कार्बनिक तथा अकार्बनिक प्रदूषण के लिए नदी, झील तथा भौम जल की गुणवत्‍ता की निगरानी
  • भूमि/मृदा प्रदूषण अध्‍ययन
  • औद्योगिक निस्‍सारी तथा ठोस अपशिष्‍ट विशेषीकरण
  • कार्यस्‍थल के पर्यावरण का प्रबोधन

अपशिष्‍ट प्रबंधन

  • अपशिष्‍ट प्रबंधन  सेवाओं में मुख्‍यत: आविष्‍कार शीलता, विशेषीकरण तथा पुनरूपयोग, पुर्नचक्र संभाव्‍यता अध्‍ययन तथा समुचित उपचार प्रौद्योगिकी का मूल्‍यांकन सम्मिलित है।

पर्यावरणात्‍मक अध्‍ययन एवं प्रस्‍तावित सेवाएं

  • वायु प्रदूषण प्रबोधन एवं नियंत्रण
  • जल गुणवत्‍ता प्रबोधन, जल आपूर्ति तथा संसाधन प्रबंधन
  • अपशिष्‍ट निपटान, पुनरूपयोग तथा पुनर्चक्रण
  • प्रक्रम उद्योगों तथा आधारिक संरचनात्‍मक परियोजनाओं के प्रस्‍तावित तथा प्रसार परियोजनाओं हेतु पर्यावरणात्‍मक प्रभाव मूल्‍यांकन एवं पर्यावरणात्‍मक प्रबंधन योजना  (ईएमपी)
  • भवन निर्माण सामग्री उद्योगों की पर्यावरणात्‍मक लेखा परीक्षा
  • समस्‍या वाले क्षेत्रों के लिए पर्यावरणात्‍मक नियोजन
  • जोखिम वाली अपशिष्‍ट निपटान सुविधाओं का इंजीनियरी अभिकल्‍प तथा प्रभाव मूल्‍यांकन
  • सतह जल, भौम जल, परिवेशी वायु तथा आंतरिक वायु गुणवत्‍ता की कम्‍प्‍यूटर मॉडलिंग

भवन नाशी-जीव प्रबंधन

  • भवनों के लिए कृषि-रसायनों का दीमक नाशी (कीटनाशी एवं इन्‍सेक्‍टीसाइड) के रूप में मूल्‍यांकन
  • दीमक / भवन नाशी-जीव प्रबंध के लिए हर्बल निष्‍कर्षण पर अध्‍ययन
  • प्‍लास्टिक, फोम, लकड़ी के विकल्‍प, हर्बल एवं सिंथेटिक उत्‍पादों पर दीमक रोधकता परीक्षण
  • दीमक प्रबंध के फिजिकल बैरियर के रूप में अकार्बनिक सामग्री पर अध्‍ययन
  • दीमक एवं कॉकरोच कल्चर(पैदा करना) इत्‍यादि

आधारिक संरचनात्‍मक एवं परीक्षण सुविधाएं

  • स्‍पेक्‍ट्रोफोटोमीटर एटोमिक एबजोर्प्शन(ए ए एस)
  • इन्‍फ्रा-रैड स्‍पेक्‍ट्रोफोटोमीटर
  • परा बैंगनी तथा दृश्‍य स्‍पेक्‍ट्रोफोटोमीटर
  • ऑयन क्रोमेट्रोग्राफ
  • हाई वॉल्‍यूम सैम्‍पलर
  • स्‍टॉक मौनीटर्स
  • वेलोमीटर
  • कण आकार विश्‍लेषक
  • एक्स. आर. एफ.
  • पोर्टेबल CO2/CO/H2S/HC विश्लेषक
  • BOD इनकुबेटर
  • विश्‍लेषणात्‍मक प्रयोगशाला
  • सीमेंट परीक्षण प्रयोगशाला
  • स्थिर ताप परीक्षण प्रयोगशाला
  • लाइम – पोजोलाना प्रयोगशाला
  • ताप विश्‍लेषण प्रयोगशाला

प्रमुख निष्‍पादित परियोजनाएं

  • भारतीय उड़नराख का गुणवत्‍ता विचलन तथा ब्‍लेंडिड सीमेंट एवं कंक्रीट में उनका उपयोग
  • सिलिकेट आधारित जलरोधन फार्मूले का विकास
  • चूना भट्टों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों का विकास तथा उन्‍नयन
  • भवनों में दीमक नियंत्रण के लिए क्‍लोरोपाइरिफोस (डर्सबन 20 ई.सी. एवं लैनट्रेक 50 सी.सी.) का मूल्‍यांकन
  • भवनों में दीमक नियंत्रण के लिए इमिडाक्‍लोपरिड 200 एसएल (प्रिमाइज 200 एसएल एवं अमिडाक्‍लोपरीड 350 एससी (प्रिमाइज 350 एससी) का मूल्‍यांकन
  • भारतीय संदर्भ सामग्रियों पर डाटाबेस का विकास
  • ईंट भट्ठों के लिए बृहत उद्योग दस्‍तावेज तथा राष्‍ट्रीय उत्‍सर्जन मानक
  • हॉट मिक्‍स प्‍लांटों पर बृहत उद्योग दस्‍तावेज
  • प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों का विकास
  • सीमेंट संयंत्रों के पर्यावरणात्‍मक विवरणों की समीक्षा

परामर्शी  क्षेत्र

  • वायु प्रदूषण निगरानी एवं नियंत्रण
  • भवनों में दीमक नियंत्रण के लिए औद्योगिक दीमक नाशी का मूल्‍यांकन
  • दीमक रोधकता के लिए नई निर्माण सामग्रियों का परीक्षण
  • सुपर प्‍लास्‍टीसाइजर का मूल्‍यांकन एवं विकास
  • सीमेंट एवं इससे संबंधित उत्‍पादों का मूल्‍यांकन
  • जिप्‍सम तथा जिप्‍सम आधारित निर्माण उत्‍पाद
  • निर्माण सामग्रियों का विश्‍लेषण
  • पर्यावरणात्‍मक अध्‍ययन
  • जल रोधन व कंक्रीट में मिलाए जाने वाले रासायनिक मिश्रण

हस्‍तांतरित प्रौद्योगिकियां

  • जिप्‍सम कैल्‍सीनेटर
  • चूना भट्ठों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली
  • फास्‍फेट जिप्‍सम का बेनिफिकेशन
  • जल-रोधक जिप्सम बाइंडर

प्रत्‍याशित कार्यक्रम

  • ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण नियंत्रण
  • पर्यावरण प्रभाव का मूल्‍यांकन
  • भवन-नाशी जीव तथा कवक-विज्ञान
  • निर्माण सामग्रियां प्रक्रम प्रौद्योगिकियां
  • कृषि-औद्योगिक अपशिष्‍टों से लकड़ी का प्रतिस्‍थापन
  • निर्माण सामग्रियों का स्‍थायित्‍व
  • उच्‍च घनत्‍व वाली उड़न राख कंक्रीट

मृदा उत्‍पाद

अनुसंधान एवं विकास कार्य के प्रमुख क्षेत्र

  • दह्य मृदा ईंटें एवं टाइलें बनाने में कृषि-औद्योगिक उपोत्‍पाद अपशिष्‍ट का उपयोग
  • उन्‍नत ईंट उत्‍पादन तथा प्रक्रम प्रौद्योगिकियों का वाणिज्‍यीकरण
  • कच्‍चे माल के संसाधनों का तकनीकी मूल्‍यांकन, विशेषीकरण तथा ईंट एवं टाइलों के उत्‍पादन के लिए उपयोगिता निर्धारण
  • ईंटों तथा टाइलों की हस्‍त-पुस्तिका तथा मशीनीकृत उत्‍पादन
  • प्राकृतिक कच्‍चे माल संसाधनों पर परिचर्चा तथा नवीन तकनीकों से ऊर्जा
  • ईंट भट्ठे के लिए तापीय दक्ष स्थिर चिमनी का अभिकल्‍प एवं विकास
  • ईंटें तथा टाइलें पकाने में निम्‍न श्रेणी के बायोमास का इस्‍तेमाल
  • चूना आधारित ईंट / ब्‍लाक की प्रेसिंग तथा ऑटोक्‍लेविंग/अटमौसफेरिक स्‍टीम क्‍योरिंग/मॉयस्‍ट क्‍योरिंग के माध्‍यम से बनाना
  • ईंट तथा टाइल इकाइयों के लिए डिजाइन पूर्व लागत अनुमान, संयंत्र का ले-आउट, उत्‍पादकता तथा अनुरक्षण
  • निर्माण उत्‍पादों का स्‍थायित्‍व मूल्‍यांकन

सुविज्ञ आधारिक संरचना एवं परीक्षण सुविधाएं

प्रभाग में विभिन्‍न आर्जीलाइट्स ठोस, ईंधनों, कृषि – औद्यो‍गिक अपशिष्‍टों जैसे उड़न राख, लाल मिट्टी खनन एवं खनिज टेलिंग्‍स इत्‍यादि के मूल्‍यांकन के लिए आधुनिक उपकरण हैं। इन सामग्रियों की ईंटों तथा टाइलों के निर्माण में कच्‍चे माल के प्रमुख भाग को तैयार करने में जरूरत होती है।  इन परीक्षण सुविधाओं में निम्‍नलिखित सुविधाएं सम्मिलित है:

  • स्‍कैनिंग इलैक्‍ट्रॉन माइक्रोस्‍कोप (SEM)
  • डिफरेंसियल थर्मल एनालाइजर (DTA)
  • एक्‍स-रे डायफ्रेक्‍शन इक्विपमेंट
  • ब्रिक एक्‍सट्रूजन मशीन
  • स्‍क्रू प्रेसिज फॉर टाइल शेपिंग
  • डबल शॉफ्ट मिक्‍सचर्स
  • पैन मिल
  • वाइब्रेटरी स्‍क्रीन
  • रोटरी टेबल हाइड्रोलिक प्रैस
  • लेबोरेट्री मॉडल ऑटोक्‍लेव

विकसित प्रौद्योगिकियाँ:

मृदा दह्य ईंटें एवं टाइलें

  • घटिया मृदाओं जैसे काली कपासी मिट्टी, लाल मिट्टी, सेलाइन, समुद्री रेतीली मिट्टी तथा सिलीसियस मृदा आदि से उन्‍न्‍त ईंटें।
  • उड़न राख, लाल मिट्टी, धान की भूसी तथा अन्‍य औद्योगिक अपशिष्‍टों के उपयोग से ईंट निर्माण ।
  • दह्य ईंटों / टाइलों के लिए स्थिर चिमनी ईंट भट्ठा
  • उड़न राख – रेत – चूना ईंटें तथा ब्‍लॉक

कृपया विस्‍तृत जानकारी के लिए सम्‍पर्क करें:

डॉ. अश्विनी कुमार मिनोचा
समूह प्रमुख,
पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी/मृदा उत्‍पाद समूह,
फोन 91-1332-283317
फैक्‍स 91-1332-272272
ईमेल : minochaak@yahoo.com
वेबसाइट :  www.cbri.res.in