अनुसंधान दल

राजेश कुमार वर्मा
वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक

लीना चौरसिया
वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक


नीरज जैन
वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक


सौमित्र मैती
प्रधान वैज्ञानिक


श्रीनिवासा राव नाइक बी.
प्रधान वैज्ञानिक


संदीप गुप्ता
वैज्ञानिक


हुमैरा अथर
वैज्ञानिक

पायल बख्शी
शोध सहयोगी

अनुसंधान क्षेत्र (RESEARCH AREAS)

  • भवन निर्माण सामग्री: ईंटें, चूना, जिप्सम तथा इनके पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन/निगरानी
  • भवनों में दीमक/फफूंद: भवनों में दीमक एवं फफूंद-रोधी उपचारों के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रयास; भवनों से वनस्पति वृद्धि (जैसे पीपल, बरगद आदि) का नियंत्रण
  • निर्माण रसायन: पॉलिमर कॉम्पोज़िट, एडमिक्सचर, सीलेंट सामग्री, वॉटरप्रूफिंग रसायन, सुपरप्लास्टिसाइज़र, श्वेत रंजक TiO₂, नैनो पिगमेंट
  • विरासत संरक्षण हेतु सामग्री: मरम्मत सामग्री एवं सतह उपचार (नैनो लाइम, एंटी-फंगल, पारदर्शी, नैनो-टाइटानिया कोटिंग्स)
  • सीमेंट/कंक्रीट की स्थिरता: बायो-कंक्रीट, प्री-फैब्रिकेटेड भवन घटक, भवन सामग्री एटलस
  • अपशिष्ट से संपदा (Waste-to-Wealth): कृषि-औद्योगिक एवं धातुकर्म अपशिष्टों का उपयोग कर ऊर्जा एवं पर्यावरण पर विशेष बल के साथ भवन सामग्री का विकास; अपशिष्ट जल उपचार, औद्योगिक प्रदूषण न्यूनीकरण, खनिज कार्बोनेशन
  • नई सामग्री: कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण (CCUS), CO₂ पृथक्करण (Sequestration), 3-डी कंक्रीट प्रिंटिंग, ऊर्जा दक्ष सामग्री

चल रही परियोजनाएँ 

उद्योग द्वारा वित्तपोषित

सीएसआईआर द्वारा वित्त पोषित:

लैब परियोजनाएं:

पूर्ण की गई परियोजनाएँ

  • बायोचार का उपयोग कर हरित एवं सतत समग्र भवन सामग्री का विकास (2023–2024)
  • उच्च ड्राफ्ट ईंट भट्टों की स्टैक मॉनिटरिंग एवं जिला अबोहर, पंजाब में प्रदूषण भार का निर्धारण (2023–2024)
  • आंतरिक ईंधन के उपयोग द्वारा कम कार्बन फुटप्रिंट वाली ऊर्जा दक्ष जली हुई मिट्टी की ईंट प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण (2022–2024)
  • आंतरिक उपयोग हेतु उच्च मात्रा फ्लाई ऐश–जिप्सम समग्र प्लास्टर का विकास (2022–2024)
  • फ्लाई ऐश एवं औद्योगिक अपशिष्टों से CO₂ पृथक्कृत इंजीनियर्ड एग्रीगेट्स का विकास (2022–2024)
  • ओपीसी (43 ग्रेड) एवं पीपीसी सीमेंट का भौतिक–रासायनिक चरित्रण (2022–2023)
  • फ्लाई ऐश एवं लाइम स्लज का उपयोग कर CO₂ पृथक्कृत कृत्रिम एग्रीगेट्स का विकास (2022–2023)
  • नई चौथी पीढ़ी की प्रौद्योगिकी से निर्मित कंक्रीट मिश्रणों का मूल्यांकन (2022)
  • पत्थर संरचनाओं के पर्यावरणीय क्षरण का अध्ययन एवं जिप्सम आधारित मरम्मत सामग्री का विकास (जनवरी 2021 से 2025)
  • विरासत भवनों पर वनस्पति विविधता का अध्ययन एवं संरक्षण हेतु सतह उपचार का विकास (2021–2025)
  • पंजाब राज्य में पर्याप्तता प्रमाणपत्र जारी करने हेतु ज़िग-ज़ैग व्यवस्था वाले आयताकार उच्च ड्राफ्ट ईंट भट्टों का भौतिक सत्यापन (2020–2022)
  • एफजीडी जिप्सम का उपयोग कर जिप्सम–वर्मीक्यूलाइट प्लास्टर (GVP) का विकास (2020–2022)
  • एफजीडी जिप्सम एवं फ्लाई ऐश से उच्च शक्ति प्लास्टर का विकास (2020–2022)
  • कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों के उप-उत्पाद फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (FGD) जिप्सम से उच्च शक्ति बाइंडर हेतु प्रौद्योगिकी का विकास (2020–2022)
  • कम कार्बन फुटप्रिंट वाली पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा दक्ष जली हुई मिट्टी की ईंटों के निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी पैकेज का विकास (2020–2022)
  • ईंट भट्टों से श्वसन योग्य धूल उत्सर्जन नियंत्रण हेतु वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (वेट स्क्रबिंग) का डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग (2020–2021)
  • चयनित विरासत संरचनाओं पर फफूंद की पहचान एवं औषधीय पौधों से उपयुक्त एंटी-फंगल रसायन का विकास (2018–2020)
  • फ्लुओरो-जिप्सम से मूल्य संवर्धित भवन घटकों के विकास हेतु व्यवहार्यता अध्ययन (2018–2019)
  • वर्षा जल नालियों की सिल्ट, जल/सीवेज उपचार संयंत्रों की स्लज एवं वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र की राख का उपयोगी उत्पादों में पुनर्चक्रण (2017–2018)
  • ईटीपी स्लज के उपयोग से मूल्य संवर्धित भवन सामग्री के विकास हेतु व्यवहार्यता अध्ययन (2016–2017)
  • रासायनिक रूप से क्रॉस-लिंक्ड फोम का मूल्यांकन (2015–2016)
  • प्रबलित कंक्रीट विरासत भवन—सचिवालय भवन, चंडीगढ़ का संरक्षण एवं पुनर्स्थापन (2014–2015)
  • भारत के उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र में भवनों की बाहरी एवं आंतरिक सतहों पर फफूंद प्रबंधन हेतु पर्यावरण-अनुकूल घटकों का विकास (EMPOWER) (2010–2012)
  • भवनों में दीमक एवं फफूंद नियंत्रण हेतु पर्यावरण-अनुकूल सामग्री/घटकों का विकास (2010–2012)
  • भवनों में फफूंद एवं चयनित फाइटोकेमिकल्स द्वारा उनके नियंत्रण पर अध्ययन (2008–2010)
  • सीएसआईआर–सीबीआरआई, रुड़की की 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत स्व-उपचार सामग्री के रूप में बायो-कंक्रीट (2007–2012)
  • दीमक नियंत्रण हेतु कीटनाशी गुणों वाले चयनित फाइटोकेमिकल्स की जाँच एवं पर्यावरण-अनुकूल फफूंदनाशकों का विकास (2001–2003)
  • दीमक नियंत्रण हेतु जैव-सक्रिय पौध अणुओं का मूल्यांकन (1998–2002)
  • भवनों के लिए पर्यावरण-अनुकूल दीमक नियंत्रण प्रबंधन पर अध्ययन (1998–2000)
  • दीमक के व्यवहार एवं नियंत्रण उपायों पर अध्ययन (1998–2000)
  • भवनों में गैर-विषाक्त दीमक नियंत्रण उपायों का विकास (1997–1999)

Last Updated on January 30, 2025

अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें:

डॉ. राजेश के. वर्मा
प्रमुख (हेड)
भवन निर्माण सामग्री एवं पर्यावरणीय स्थिरता समूह

फोन : +91-1332-283271, 283306, 283364
फैक्स : +91-1332-272272
ई-मेल : rkverma_cbri [at] cbri.res.in